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Bihar Weather Alert: 27 जुलाई के बाद बिहार में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा, IMD ने जारी की चेतावनी

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Alam Ki Khabar: बिहार में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। IMD ने 27 जुलाई के बाद कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी जारी की है। जानिए किन जिलों में सबसे ज्यादा असर रहेगा।

पटना, 25 जुलाई। आलम की खबर: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दोबारा सक्रिय होने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवा चलने की संभावना जताते हुए लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई के बाद मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जिससे उत्तर बिहार के कई जिलों में बारिश का दौर मजबूत होने के आसार हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन को भी आवश्यक तैयारियां रखने और आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण बादलों का घनत्व बढ़ेगा और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वर्षा होगी। विशेष रूप से गोपालगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सिवान, वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज हवा और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में खेतों, खुले मैदानों, जलाशयों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बिजली चमकने के दौरान पक्के भवनों के भीतर ही सुरक्षित रहें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलें। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से भी अपील की गई है कि मौसम की जानकारी लेकर ही खेतों में काम करें। उत्तर बिहार के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है, हालांकि वहां अत्यधिक वर्षा की संभावना कम है। तापमान में बहुत अधिक गिरावट की उम्मीद नहीं है, लेकिन लगातार बादल छाए रहने से उमस में कमी आ सकती है। इस दौरान पूर्वी दिशा से चलने वाली पुरवा हवा पूरे वातावरण को प्रभावित करेगी और मानसूनी गतिविधियों को मजबूती देगी। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी लोगों से मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के साथ वज्रपात बिहार में हर वर्ष जान-माल का नुकसान करता है, इसलिए मौसम संबंधी चेतावनियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। प्रशासन ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

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मानसून सक्रिय, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

बारिश और वज्रपात के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हर वर्ष आकाशीय बिजली से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है, जिनमें अधिकांश ग्रामीण और किसान होते हैं। यदि समय पर अलर्ट का पालन किया जाए और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली जाए तो अधिकांश हादसों से बचा जा सकता है। प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की सतर्कता भी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकती है।

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